My Hindi Poem 4: जो है तुम्हारा ही है

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तुमसे मोहब्बत का कोई पैमाना मैंने तो बना नहीं रखा, जो है सब तुम्हारा ही है,
मेरे पास थोड़ी सी परेशानियां, थोड़ी सी खुशियां हैं , चुन लो तुम्हे जो पसंद है, जो है तुम्हारा ही है, 
मैं थोड़ा नादान, थोड़ा चालबाज़, थोड़ा बुरा, थोड़ा अच्छा, बदल लो या समझ लो, जैसा भी हूँ तुम्हारा ही हूँ, 
ये रास्ते हमे संग संग चलने, संग संग ही हमे हंसना रोना, बाँट लो इन्हे, जो है सब हमारा ही है,

अभी राहें हमारी बहुत हैं लम्बी, साथ अभी बहुत दूर तक चलना,
हजारों सपने जो मिल कर बुने हैं, उन्हें धीरे-धीरे सच करना,
कुछ सपने टूटे भी, तो कुछ पुरे भी हुए, किस पर रोना ज्यादा, या खुश होना ज्यादा, देख लो जो हैं हमारे ही हैं,

मैं नहीं कहता की चाँद सितारे तोड़ कर ला दूंगा, 
मगर तुमने मुझे दिन-रात आसमान की सीढ़ी बनाते है देखा,
आखिर तक साथ दूंगा, ये तुम पर है, हाथ पकड़ कर चलना, या फिर हमकदम हो चलना, आखिर जो भी है तुम्हारा ही है|

जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाये प्रिये

मनु की लिए यश ने लिखी 
और कब लिखी 
२३-०९-२०१८

Life & Perspectives

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