My Hindi Poem 1: यूँ ही तो सपने पूरे नहीं होते

यूँ ही तो सपने पूरे नहीं होते    यूँ ही तो सपने पूरे नहीं होते सालों साल परिश्रम करते हैं रोते हैं, नींद खोते हैंलड़ते लड़ते जीते हैं यूँ ही तो सपने पूरे नहीं होते हैं यूँ ही तो सपने पूरे नहीं होते हैं कई बार…